Paper Title

Ekishvi Sadi Ki Kahaniyo Me Chitrit Aam Aadmi Ki Samshaye

Authors

Dr. Deepak , Saroj

Keywords

पा�रवा�रक बोध एवं दामपत्य जीवन, नारी , वेश्याव�ृत, कन्या भ्रणू हत्या

Abstract

इक्कीसवीं सदी में सयंक्तु परवार से एकल परवार की ओर बढ़ते हुए अब अपने कठनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका टूटना, बखरना तथा असरक्षतु होना अपने आप में एक गभंीर समस्या है। सामान्य परवारों में यह समस्या आम दखाई देती है। वनोदीनी की प्रय कहानी ‘सभद्राु देवी’ के द्वारा कहती हैं। "आजकल यवाु पीढ़ी एक या दो बच्चें ही पदैा करना चाहती है।" क्योक 19 वीं सदी में सयंक्तु परवारों में कई-कई बच्चे होते थे, लेकन वतमान समय में यह बोझ कोई पसदं नहीं करता है। दखु की घड़ी म ैं सभी परवार एकजटु हो जाते थे, भारत में शोषण की मख्यु समस्या लगं भेद की समस्या ही है। प्राचीन काल से लेकर लगं भेद की प्रथा आज भी प्रचलत है। शक्षत वग के लोग भी नारी का अधक शोषण करते हैं, लड़की पदैा होने पर उसे घरेल ूहसंा का शकार बनना पड़ता है। क्योंक वशं परंपरा को आगे बढ़ाने के लए पत्रु की इच्छा व्यक्त की जाती है। स्वतत्रंता के बाद नींवहीन, तत्त्वहीन, लक्ष्यहीन राजनीत के कारण देश का प्रत्येक वग भी दग्भ्रमत होता जा रहा है। लोगों को अपना जीवन अनिश्चत सा लगने लगता है। जनता की तरफ से चनेु जाने के पश्चात राजनेता वग अपने नैतक मल्योंू को भलकरू सता का उपयोग अपने स्वाथ की सद्ध के लए करना आरंभ कर देते हैं। जबक नैतक मल्योंू के द्वास से राजनीत में भ्रष्टाचार का बोल-बाला अधक बढ़ गया। यह आजादी सफ राजनेताओं की आजादी बन कर रह गई।

How To Cite

"Ekishvi Sadi Ki Kahaniyo Me Chitrit Aam Aadmi Ki Samshaye ", TIJER - TIJER - INTERNATIONAL RESEARCH JOURNAL (www.TIJER.org), ISSN:2349-9249, Vol.12, Issue 4, page no.a719-a722, April-2025, Available :https://tijer.org/TIJER/papers/TIJER2504109.pdf

Issue

Volume 12 Issue 4, April-2025

Pages : a719-a722

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Paper Reg. ID: TIJER_157578

Published Paper Id: TIJER2504109

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Research Area: Arts All

Country: Hisar, Haryana , India

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Published Paper URL: https://tijer.org/TIJER/viewpaperforall?paper=TIJER2504109

About Publisher

ISSN: 2349-9249 | IMPACT FACTOR: 8.57 Calculated By Google Scholar | ESTD YEAR: 2014

An International Scholarly Open Access Journal, Peer-Reviewed, Refereed Journal Impact Factor 8.57 Calculate by Google Scholar and Semantic Scholar | AI-Powered Research Tool, Multidisciplinary, Monthly, Multilanguage Journal Indexing in All Major Database & Metadata, Citation Generator

Publisher: TIJER (IJ Publication) Janvi Wave

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